Bad habit moral story in hindi

Moral story in Hindi

मोहित में दिन प्रीति दिन गन्दी आदतें बढ़ती जा रही थी शराब पीना, जुआ खेलना नशा करना, उसके माता पिता उसे बहुत समझाते पर उस पर किस भी बात का असर नही होता था। वे उसे समझा समझा कर थक गये पर मोहित पर उनकी किसी भी बात का असर नही होता था।

मोहित के पिता एक दिन यह सुनकर हैरान हो गये जब मोहित ने कहा कि उसके बिगड़ने का कारण उसके पिता हैं मोहित के पिता ने मोहित से कहा बेटा तुम ऐसा कैसे कह सकते हो ।
मोहित ने कहा पिता जी में बिल्कुल सही कह रहा हूँ। मोहित ने कहा आपने मुझे पहले अच्छी शिक्षा नही दिलाई न ही कोई काम की बात बताई,आप मुझे अब समझा रहें हैं जब में बड़ा हो गया हूँ आप ने मेरे साथ में भेद भाव किया हैं। मेरे भाई संजय को तो आपने अच्छी शिक्षा दिलवाई,पर मुझे नही। मोहित के पिता ने कहा बेटा ऐसी बात नही हैं।मैंने तुम।दोनों को ही अच्छी शिक्षा दिलवाई हैं।
मोहित नही आप झूठ बोल रहे हैं उसके पिता ने कहा नही बेटा चलो में तुम्हे समझाता हूँ।
मोहित के पिता उसे नल पर ले गये जहाँ पर औरतें मटकों में पानी भर रही थी ।वहा पहुँचकर कर उन्होनें एक मटका,लेकर उसे नल के नीचे रख दिया।नल चलाकर उसे भर दिया उसके बाद दूसरे मटके का एक प्लेट से ढक कर उसे भी नल के नीचे रख दिया व नल चलाने लगें।
तो उन्हें देख के मोहित बोला पिता पर ऐसा क्यों कर रहे हो । इस पर तो कितना भी नल चला लो यह मटका नही भर सकता हैं क्यों की इसका मुँह बन्द हैं।
उसके पिता हँसकर बोले में भी तुम्हे यही सीखना चाहता था तुम्हारा भाई उस मुँह खुले मटके की तरह था।जो भी उसे हमने बताया उसने अपने अंदर भर लिया पर तुम उस मुँह बन्द व ढके मटके की तरह थे। जिसने हमारी बताओ को अपने अदंर नही जाने दिया तुम पर हमारी बताओं को ऊपरी सतह तक हुआ ।अगर तुम भी हमारी बताओ को समझते और अपने जीवन में अपनाते तो आज तुम भी अपने भाई की तरह ही अच्छे व गुणों भरे हुये होते ।
मोहित अब अपने पिता की बात को समझ चूका था । उसने अब अच्छे बनने का निश्चय किया ।
moral of story हमे बताती है कि जब तक हमारे मन में सीख ने की गहरी चाहत नहीं होती तब तक कोई भी हमे कुछ नहीं सीखा सकता है हमे भी लाइफ में माता पिता और गुरु जो ज्ञान की बात बताते हैं उन को लाइफ में उतारना चाहिए ।
हर दिन नई और लाइफ में आगे बढ़ने वाली कहानियों पड़ते रहिये आपकी अपनी इसी Positivevichar.com पर ।

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