Self Improvement

अनुसाशन के बिना जीवन मुसीबतों का घर है – महात्मा बुद्ध
एक बेटे ने पापा ये जीवन में क्या होता है ?? इस की क्या जरुरत होती है
पिता, बेटे को पतंग उड़ाने ले गए।
बेटा पिता को ध्यान से पतंग उड़ाते देख रहा था
थोड़ी देर बाद बेटा बोला-
पापा ये धागे की वजह से पतंग अपनी आजादी से और ऊपर की और नहीं जा पा रही है, क्या हम इसे तोड़ दें ये और ऊपर चली जाएगी ।
पिता ने धागा तोड़ दिया पतंग थोड़ा सा और ऊपर गई और उसके बाद लहरा कर नीचे आयी और दूर अनजान जगह पर जा कर गिर गई ।
तब पिता ने बेटे को जीवन अनुशासन और नियमों का मूल्य समझाया
बेटा जिंदगी में हम जिस ऊंचाई पर हैं
हमें अक्सर लगता की कुछ चीजें, जिनसे हम बंधे हैं वे हमें और ऊपर जाने से रोक रही हैं, जैसे – नियम Discipline और अनुभवी लोगों की बातें और हमे लगता है कि ये बिना वजह हम पर रोकटोक लगा रहे हैं
और हम उनसे आजाद होना चाहते हैं
वास्तव में यही वो धागे होते हैं जो हमें उस ऊंचाई पर बना के रखते हैं
जैसे ही हम इन धागों को काट कर फेंक देते है तो कुछ समय के लिए लगता है ही हमारे जीवन में आजादी आ गई है और हम जो चाहे कर सकते हैं परंतु इन धागों के बिना हम एक बार तो ऊपर जायेंगे परन्तु बाद में हमारा वो ही हश्र होगा जो बिन धागे की पतंग का हुआ कुछ देर इधर उधर भटकने के बाद हमारे जीवन का नाश होने लगता है
अतः जीवन में यदि तुम ऊंचाइयों पर बने रहना चाहते हो तो, कभी भी इन धागों से रिश्ता मत तोड़ना
धागे और पतंग जैसे जुड़ाव के सफल संतुलन से मिली हुई ऊंचाई को ही ‘सफल जीवन’ कहते हैं ।

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