लक्ष्य से ना भटकें

स्वामी केशव ने अपने चार शिष्यों को अपनी कुटिया में अंदर ले जाकर कहा आज हम कुटिया में ध्यान करेंगे जब तक में ना कहु कोई कुछ भी नही बोलेगा और अपनी आँखें नही खोलेगा ।
ऐसा कहकर स्वामी और चारों चेले ध्यान करने लगे कुछ देर होने पर तेज हवा चलने लगी और दीपक बुझ गया तभी एक शिष्य ने कहा दीपक बुझ गया ।
एक शिष्य ने कहा दीपक बुझ गया ।
यह सुनकर दूसरा चेला बोला चुप रहो और आँख मत खोलना ।
तभी तीसरे ने कहा तुम दोनों ने गुरु जी की आज्ञा तोड़ दी है और बोलने लगे हो ।
इस पर चौथे चेले ने कहा पर में अभी तक चुप हूँ ।
जब गुरु का ध्यान पूरा हो गया तो उहोंने अपने चेलों से कहा जिस तरह तुम एक दूसरे को यह बताने में लगे की गलत हो या में सही हूँ ।
अपना ध्यान तोड़ बैठे इसी प्रकार से तुम्हारे जीवन में भी बहुत सी
ऐसी समस्या और घटना आयेगी जो तुम्हारा ध्यान भटकायेगी ।
परन्तु यदि तुम उन में अटक गये तो जीवन में अपने लक्ष्य से भटक जाओगे और सफलता से चूक जाओगे । दूसरों की कमी निकलने की बजाए अपने लक्ष्य पर फोकस रखना चाहिए ।
इसलिए जीवन में सफलता पाने के लिये समस्याओं में न भटकते हुए अपने काम पर हमेशा ध्यान केंद्रित रखना चाहिए ।

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