Success Story in Hindi
How Achieve Success Story in Hindi

Success Story In Hindi

इन दिनों मोहन दास जी जगह – जगह घूम कर लोगों से कह रहे थे कि भगवान नाम की कोई सत्ता नहीं होती है ।
मानो ऐसा करना ही अब उनके जीवन का लक्ष्य Goal बन गया था ।
महाराज जी सभी से यही कहते की पूजा पाठ करने का और भजन करने अच्छा काम करने का कोई Success फल नहीं होता है ।
धीरे – धीरे यह बात सभी जगह पता चली जब यह खबर उनके गुरुदेव तक भी पहुँच गई ।
यह सुनकर उन्हें बड़ा दुःख हुआ की उनका सबसे बड़ा शिष्य इस तरह के उपदेश देकर अपना और दूसरों के जीवन को बर्बाद ( Destroy ) कर रहा है ।
जब मोहन दास अपने गुरुदेव के पास जाकर यही सब कहने लगे तो।
गुरुदेव ने मोहन दस से कहा तुम्हें क्या हो गया तुम इस तरह की बाते क्यों कर रहे हो और किस बात के आधार तुम से सब कह सकते हो ।
मोहन दास – गुरुदेव मैं सही कह रहा हूं ये मेरा अपना अनुभव है ।
गुरुदेव – कौन सा अनुभव ?
मोहन दास – याद है आपको आपने कहा था कि यदि कोई आपके द्वारा बताए गए पवित्र मन्त्र को एकांत में जप करने से तुम्हें भगवान के दर्शन होंगे । मेने उस मन्त्र का 7 बार पुरे मन से जाप किया था पर मुझे भगवान के दर्शन नही हुए है इस आधार पर में सभी से कहता फिर रहा हूँ की पूजा पाठ व भजन करने का कोई फायदा नही है अब मुझे तो आप की बातों पर भी यकीन नही है ।

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गुरुदेव – मेने जो तुम्हें भगवान के दर्शन करने की विधि बताई थी वो बिलकुल सही थी । अवश्य ही तुम से कोई भूल हुई है

नही मुझ से कोई भूल नही हुई । गुरुदेव

गुरुदेव – तो तुम मेरे कहे से एक बार और उस मन्त्र का सही तरिके से प्रयोग कर के देखो । अगर तुम्हें दर्शन न हो तो में भी तुम्हारे साथ इसी बात का प्रचार करुगा की पूजा व भजन से भगवान नही मिलते ।
मोहनदास मान गया ।
उस ने गुरु के कहे अनुसार मंत्र का जाप किया तो उसे भगवान ने दर्शन दे दिए ।
मोहनदास से उन्हें हाथ जोड़कर प्रणाम किया और बोले प्रभु में आओ से एक बात पूछना चाहूंगा कि मैने पहले भी 7 बार इस मंत्र का जाप किया है तब आप ने मुझे दर्शन नही दिए तो इस बार ऐसा क्या हुआ कि आप ने मुझे दर्शन दिए । क्या आप ने मुझे गुरु जी के कारण दर्शन दिए है

भगवान मुसकुराए और बोले इस कुछ नही है कि मैंने तुम्हें दर्शन तुम्हारे गुरु के कारण दिए है।
तो फिर क्या कारण था मोहनदास ने भगवान से पूछा ।
भगवान बोले तुम पर पिछले जान में 7 हत्याओं का पाप था । तुम्हारे एक बार के मन्त्र जप से एक हत्या का पाप नष्ट हो जाता था । इस तरह 7 बार के जप से 7 हत्याओं के पाप नष्ट हो गए और इस बार के जप से मैने तुम्हें दर्शन दिए है
मोहनदास अब दर्शन न देने का कारण जान चुके थे।
अब उन्होंने गुरु देव से कहा आप बिलकुल सही थे में ही गलत था अब में कभी पूजा व भगती की बुराई नही करुगा ।
अब मोहन दस ने चारों तरफ भक्ति का प्रचार शुरू कर दिया ।
मित्रों हमें अपने अच्छे कर्मों का फल जरूर मिलता है बहुत बार इस कहानी की तरह हम उस फल को देख नही पाते है जो हमें हमारे अच्छे कर्मो के कारण मिला है । और मन लेते है कि अच्छे कामों का कोई फल नही होता
मेहनत व अच्छे कर्म अवश्य ही हमें Life में Success जरूर देते है । बस हमें उनके फल को देखने की जरूरत है।

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