Moral Story

Moral story in Hindi

एक बार एक खरगोश एक प्रयोगशाला से भाग गया और जंगल में अन्य खरगोशो के साथ मिल गया उसने सभी खरगोशों के साथ में लंबी दौड़ लगाई और गाजर के खेतों से खूब गाजर खायी , अन्य खरगोशों के साथ में नदी में खूब मजे से नहाया ,खूब खेला आदि करके उसे स्वर्ग का सा आनंद मिला और वह नये साथी और अपनी आजादी पाकर बहुत खुश था ।

तभी रात होते होते वह उदास हो गया चीनू खरगोश ने कहा मुझे वापिस प्रयोगशाला जाना होगा   तो सभी खरगोशों से ने कहा क्या बात हैं तुम उदास क्यों हो गये हो क्या तुम हमारे साथ में खुश नही हो ,क्या यह जगह तुमारी प्रयोगशाला से अच्छी नही हैं।

तो चीनू ने जवाब दिया ऐसी जगह मैने अपनी पूरी ज़िंदगी में कही नही देखी यह स्वर्ग हैं।

परन्तु मुझे एक बुरी लत हैं जब तक रात में म सोने से पहले नशा की दवाई नही लेता हूं तब तक मुझे नीद नही आती है ।

moral Of story हमे बताती है कि हमे अपने जीवन में कोई भी ऐसी आदत Habit नही बनानी चाहिये जिससे हमें इस खरगोश की भांति अपनी आजादी व अपनीखुशी.

छोडनी पड़ें। ये छोटी छो टी बुरी लत हमारे जीवन की बड़ी से बड़ी खुशियों को समाप्त कर देती हैं इसलिये जितना हो सकें हमे गन्दी लतो से बचना चाहिये

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