लगातार मेहनत का लाभ
रघु पढ़ने में होशियार था परन्तु उसकी एक बुरी आदत थी की वह ज्यादातर समय खेल में और इ धर उधर बर्बाद कर...
एक बार एक शहर में बहुत बड़ी प्रतियोगता हों रही थी उस प्रतियोगता में एक बहुत ही चिकने और लंबे लोहे के खम्बे पर चढना था । वैसे तो यह प्रतियोगता हर साल होती थी परंतु इस बार लोहे का पोल हर बार से लम्बा और अधिक चिकना था । इसे देखकर सभी लोग यही कह रहे थे की इस पर चढ़ना असंभव हैं इसमें भाग लेने और देखने के लिये दूर - दूर से लोग आये थे ।जैसे ही प्रतियोगता शरू हुयी एक के बाद एक लोग उस पर चढ़ने के लिये कोशिश करने लगें और पीछे से देखने वाले जोर - जोर से चिल्ला रहे थे की इस बार चढ़ाना असंभव हैं इस पर चढ़ना अपनी मौत को गले लगाना हैं इस पर कोई चढ़ नही सकता हैं इस पर चढ़ने की कोशिश करना बेकार हैं इन सब बातो को सुनकर सभी का मनोबल टूट जाता और बड़े से बड़ा प्रतियोगी भी उस खम्बे पर नही चढ़ सकें तब अंत में उसी राज्य का साधारण सा दिखने वाला डमरु आया और लोग उसे देखकर हँसने लगे की जब सभी कुसल योग्य प्रतियोगी नही चढ़ सके तो तुमारी क्या औकात हैं परंतु वह उस खम्बे पर चढ़ गया और उसने प्रतियोगता को जीत ली जब डमरू से पूछा गया कि बड़े - बड़े प्रतियोगी नही चढ़ पाये तो तुम कैसे चढ़ गये ।इस सवाल पर डमरू के दोस्त ने डमरू की तरफ कुछ इशारा किया और डमरू ने कहा यह बहुत आसान था इतने सारे लोगों मेरा हौसला बड़ा रहे थे इसलिये मेरे लिये चढ़ना और आसान हो गया तभी एक आदमी ने कहा पर वो तो तुम्हारी बुराई कर रहे थे । इस पर उसके दोस्त ने कहा डमरू को कुछ सुनाई नहीं देता है । और इसे वही बुराई अपनी बड़ाई लगी । इसी तरह दोस्तों हमारे जीवन में भी बहुत बार ऐसा समय आएगा जब लोग हमारी बुराई करेंगें और हमारी योग्यता को कम करके बताएंगे परंतु यदि हम लोगों की नकारात्मक बातों पर ध्यान दिया तो हम अपने मंजिल से भटक जाएंगे पर हमें उनकी बातों पर ध्यान न देकर अपना काम पूरी लगन और मेहनत से करते रहना चाहिये । हमे एक दिन सफलता जरूर मिलेगी ।
Success Story In hindi एक बार एक शहर में बहुत बड़ी प्रतियोगता हों रही थी ...
हमेशा की तरह दीना आज़ भी अपने दोस्त से यही कह रहा था कि हम एक जैसे परिवार से है एक गुरुकुल में...
bad habit
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