Relationship Management Story
Relationship Management Story

राज अपने 10 में पास करने के बाद जब पहली बार जब पहले दिन अपनी 11th क्लास में गया . तो 11th में उसका कोई दोस्त नहीं था पूरा दिन वह अकेला बेठा रहा क्लास में उसे एसा लग रहा था जैसे आज तो समय बहुत कम speed से चल रहा है वह क्लास में बेठा-बेठा बोर stress हो रहा था जब टीचर पढ़ा रहे थे तो भी मन नहीं लग रहा था धीरे – धीरे जब लंच हो गया और लंच में भी अकेला बेठा रहा .आज राज ने अपना tiffen भी पूरा Finish नहीं किया . लंच बाद हिंदी के टीचर आए जो जो बच्चों को बड़े प्यार से पढ़ते थे . उन्होंने देखा की राज क्लास में सबसे अलग बेठा था साथ ही साथ वह उदास भी था . उन्होंने राज को अपने पास बुलाया और पूछा बेटा क्या बात है तुम उदास लग रहे हो ? क्या बात है कोई तुम्हे परेशान कर रहा है क्या ? सभी . राज ने हकलाते हुए कहा सर एसी कोई बात नही है पर मेरा बच्चे खुश है फिर तुम इतने उदास क्यों हो क्या क्लास में मन नही लग रहा
राज – सर आप ठीक कह रहे है पता नही क्यों आज मेरा क्लास में मन नही लग रहा है
सर – क्यों तुम्हारा क्लास में कोई दोस्त नही है क्या ?
राज – मैं स्कूल में नया स्टूडेंट हूँ मेरा कोई दोस्त नही है . मुझे से किसी ने भी कोई बात नही की लगता है कि मेरा कोई दोस्त नही बन सकता है
टीचर- बेटा कोई बात नही पर तुमने क्लास में किस को दोस्त बनाने की कोशिश की है ?
राज – पर मै तो क्लास में नया हूँ इन बच्चों को मेरे पास आना चाहिए
टीचर –

पर तुम एक बात समझो की अगर हमे जीवन मैं किसी के साथ कोई भी संबंध बनाना हो तो सबसे पहले हमे ही शुरुआत करनी पडती है . हमे यह नही सोचना चाहिए की कोई हम से पहले बात करेगा बलिक हमे स्वयं ही नए संबंध बनाने के लिए आगे आना चाहिए . अगर हम एसा करेंगे तो हम जीवन में कभी भी एकेलेपन व उदासी का सामना नही करना पड़ेगा . इसलिए तुम स्वयं ही अपने दोस्त बनाओ और सब से बात करो . तब तुम्हारा मन अपने आप लग जाएगा . अगर तुम अपने आप में पहल करने की आदत डालोगे तो कभी भी निराश नहीं होगे . अब तुम अपने दोस्त बनाओ और खुश रहो यह सभी तुम्हारे अपने है .
राज अपने हिंदी टीचर की बात को समझ गया की हमे खुश रहने के लिए स्वयं ही आगे बढ़कर सम्बन्ध बनाने पड़ते है और काम करना पड़ता है .

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