Respect self-improvement story in Hindi

बिट्टू एक शरारती और बहुत नटखट लड़का था। सभी उसकी शरारतों से परेशान रहते थे। कोई भी उससे सही तरह से बात करने करने को तैयार नही था । सब उससे बात करने से कतराते थे और जो बात करते वो भी उससे बुरी तरह से पेश आते । उसे लगता कि सब उससे लड़ने को तैयार है । यहाँ तक कि उसके दोस्त भी उसका आदर नही करते थे । यह बात उसने अपने पापा को बताई की कोई भी उससे सही मुँह से बात नही करता है और जो करता वो मानो लड़ने को तैयार हो । उसे पापा ने कहा बेटा जो तुम इतनी शरारत करते हो उसी के कारण तुमसे कोई भी सही ढंग से बात नही करता और न ही तुम्हारी respect करता है ।
तुम ऐसा करो की अपनी इन गन्दी आदतों को छोड दो फिर तुम देखो की सब तुम से प्यार से बात करेंगे ।
बिट्टू ने अपने पिता की बात मानते हुये अपनी शरारतें छोड़ देता है ,फिर भी कोई उसका सम्मान नही करता न ही उससे प्यार से बात करता है यहाँ तक की उसके दोस्त उसे बगला भगत कहकर चिढ़ाते थे ,फिर से उसने अपने पिता से कहा अब तो मैंने शरारतें करना भी छोड़ दिया हैं। फिर भी कोई मेरा आदर व सम्मान नही कर रहा हैं । उसके पापा ने कहा बेटा तुम्हारी पहली छवि उनके मन में बनी हुई हैं।
तुम उनके साथ में मिल जुलकर रहो,एक दिन वे तुम्हारा सम्मान व आदर जरूर करेंगे । तुम्हारे दोस्त भी तुम्हे चिढ़ाना बन्द कर देंगे ।
बिट्टू को अपने पिता की बात पर विश्वास नही हुआ उसने कहा मैं आपकी बात को नही मानता हूँ।
बिट्टू के पिता ने कहा चलो में तुम्हें आज खेतों पर ले कर चलता हूँ। खेतों पर पहुँचकर बिट्टू के पिता ने बिट्टू से कहा, देखो अब खेतो की बुआई चल रही हैं। कुछ दिनों तक ये बीज नही निकलेंगे ऐसा लगेगा कि मानो हमारा बीज बेकार हो गया वो मिट्टी में मिल गया पर एक महीने के पश्चात ये पौध के रूप में निकलेंगे और महीनों के पश्चात ये दाने एक फसल के रूप में कई गुणा अधिक बनकर निकलेंगे पर, इनके निकलने तक हमें इंतजार करना पड़ेगा।
उसी तरह तुम भी अपने मित्रों के साथ मिल-जुलकर कर रहोगे और अच्छा व्यवहार करोगे तो कुछ समय बाद तुम्हारा व्यवहार भी फसल की तरह , कई गुणा अधिक, बढ़कर तुम्हे मिलेगा । जितना तुम दुसरो को आदर दोगे उसका कई गुना तुम्हे उनसे मिलेगा । पर इसके लिए तुम्हे इंतजार के साथ साथ महेनत भी करनी पड़ेगी । फिर वे भी तुम से मिलकर रहेंगे व तुम्हारा सम्मान करेंगे । बस तुम्हें मेहनत के साथ में इन्तजार भी करना पड़ेगा । बिट्टू अपने पिता के कहने के अर्थ को समझ गया कि जैसा हम करते हैं वैसा हम कई गुणा वापिस मिलता हैं अगर हम किसी के साथ में अच्छा व्यवहार करेंगे,तो लोग भी हमसे भी कई गुना अधिक अच्छा व्यवहार हमारे साथ में करँगे ।
अगले दिन बिट्टू नई ख़ुशी के साथ में अपने स्कूल जाता हैं

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