Self Improvement story in Hindi

Self Improvement Story in Hindi
मेले की रौनक देखते ही बनती थी चम चमाती खिलाने की दुकानें , ऊंचे झूले मिठाइयो की पकवानों की दुकानें जादूगर का खेल, मौत का कुँआ आदि होने के बाबजूद भी रिकू का मन उदास था । जहाँ उसके दोस्त मेले में अलग – अलग तरफ की मीठाइयों का आनंद ले रहे थे वहीँ रिंकू अपनी जेब में रखे दस रुपये होने पर खुद को कोश रहा था कि हे भगवान तुमने मुझे इस दुनिया में बहुत ज्यादा गरीब क्यू बनाया हैं। यह मेरे साथ कैसा अन्याय हैं।
मेले में घूमते हुये उसे बहुत तेज भूख लगी तो उसने पास की दुकान से 10 रूपये की 1 किलों गाजर खरीदी और उदासी के साथ गाजर खाने लगा जब उसका पेट भर गया तो बाकी गाजरों को उसने फेक दिया ।
तभी एक बालक आया और उन्हें जल्दी से उठाकर खाने लगा यह देखकर रिकू बहुत आश्चर्यचकित हुआ की भगावन तो मुझ पर बहुत ज्यादा दयालु हैं जो उसने मुझे पेट को भरने लायक पैसे तो दिये ही है।
दीना को अब समझ में आ गया था की life मेकितनी भी कठिनाई क्यों न हो कभी भी negative attitude नहीं अपना चाहिए हमे अपनी परिस्थितियो को कभी भी नही कोसना चाहिये और हर एक परिस्थिति में positive attitude अपनाते हुए खुश रहना चाहिये और हमे किसी भी कठिनाई में लोगो से और खुद से भी inspire होते रहना चाहिए और यह सब positive attitude को अपनाने से आतीहै

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here