self improvement

            Self Improvement Story

स्वामी विवेकानंद लोगो को हमेशा self improvement सीख देते थे की अपने समय को अच्छे काम में लगा ना चाहिए । अपना improvement हमे स्वयं करना चाहिए । आदमी को कभी भी समय का दुरूपयोग नही करना चाहिए एक बार एक धनवान शिष्य ने पूछा , स्वामी जी अगर कोई मनुष्य समय की कमी के कारण अपना समय अच्छे कार्यो में नही लगा पाये तो उसे क्या करना चाहिये?

स्वामी जी ने उस व्यक्ति को समझाते हुये कहा ,मेरा परिचय आज तक ऐसे व्यक्ति से नही हुआ ,जिसको प्रभु के बनाये हुये समय मे से एक भी  क्षण कम या अधिक मिला हो । समय की कमी से तुम्हार क्या अर्थ हैं?

यह सुनकर वह अनुयायी चुप हो गया स्वामी जी ने कुछ क्षण रूकर कहा ,जिसे तुम समय की कमी कह रहे हो , वह वास्तव में समय का अभाव नही अव्यवस्था हैं यदि कोई व्यक्ति यह ठान लें की उसे सदैव व्यवस्थित जीवन जीना हैं तो उसके पास हर काम को अच्छी तरह करने के लिये पर्याप्त समय निकल आता हैं जो व्यक्ति व्यवस्थित जीवन नही जीते हैं ,वे अपने अमूल्य जीवन को भार – स्वरूप ढोते हैं।

उन्होंने आगे कहा ,जीवन की उपलब्धि यह नही की कितने वर्ष जीवित रहे, बल्कि इसमें हैं कि कितने समय का सदुपयोग कर दूसरो को भी इसके लिये प्रेरित करना चाहिये

स्वामी जी के उत्तर से वह व्यक्ति बहुत प्रभावित हुआ। वह समझ गया कि हमे समय का सदुपयोग करना चाहिए व स्वयं को self improve करने चाहिए ।

और उसने निर्णय किया सभी को समय की उपयोगिता के बारे में बताना हैं और हर दिन एक नया अच्छा काम करना हैं

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