आज रवि रोता हुआ घर आया तो उसकी माँ ने पूछा क्या हुआ

रवि ने बताया कि मेरी क्लास में आज फिर सबसे कम नंबर आये और हमेशा की तरह आज फिर सभी बच्चे मेरा मजाक उड़ाने लगे और आज तो टीचर ( Teacher ) भी कहने लगे की बेटा लगता है पढाई तेरे बस की बात नहीं तू पढाई छोड़ कर कुछ और काम कर ले ।

माँ क्या सच मे नही पढ़ सकता ।

माँ ने उसके चहरे की तरफ देखा तो वह बहुत उदास था उसकी सारी उमगे खत्म हो चुकी थी । उसे समझाने  के लिए उसकी माँ ने एक उपाय सोचा ।

माँ ने उससे कहा कि रोना बन्द करो और मेरे साथ चलो । माँ ने  उसे घर का दीपक जलाकर दिखाया और रवि से उसे बुझाने को कहा रवि ने एक फूंक मर कर उसे बुझा दिया । अब उस की माँ उसे कुछ दूरी पर खेतों पर ले गई ।

जहाँ एक किसान अपने खेत के कूड़े  ( straw}  में आग रहा था । खेत में जाकर रवि की माँ ने उससे कहा की अब इसे बुझा दो रवि ने फूंक मार कर देखी तो उस आग में कुछ भी नही हुआ । उसने माँ से कहा कि यह आग बहुत बड़ी है यह फूंक से नही बुझेगी । इसे तो तेज हवा ही बुझा सकती है ।  माँ ने कहा बेटा अभी कुछ देर और देखो सयोंग से कुछ ही देर बाद हवा चलने लगी जिससे की आग और तेज व जल्दी से जलने लगी ।आग की लपटें आसमान को छूने लगी।

रवि यह देखकर हैरान हो गया की आग हवा से भी नही बुझ रही बल्कि और तेज हो रही है

 

अब रवि कि माँ ने उसे समझाया कि अगर तुम्हारे इरादे व विचार दिये की तरह है जिस की आग और लौ कम  है तो तुम  दूसरों की हवा रूपी बातों से बुझ जाओगे  और अपने काम में सफलता प्राप्त नही कर पाओगे । कोई भी तुम्हे आगे नही बढ़ने नही देगा ।

यदि तुम्हारे विचार  इस खेत की आग की तरह है तो तुम्हें दुसरो की बाते से और ज्यादा मजबूती मिलेगी । जिस तरह यह आग हवा से तेज हो रही है उसी तरह तुम भी अपने विचारों को मजबूत करोगे

इसलिए हमेशा अपने विचारों और इरादे को हमेशा मजबूत रखना चाहिए  ।ऊत्त

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