Self improvement story in hindi

हरीश ने चाय पीते हुये नरेश से कहा जब हम पिछली बार मिले थे।तो तुमने बताया था कि तुम self Improvement पर काम कर रहे हो। नरेश यार में Self Improvement पर काम तो कर रहा था।पर इसके लिये समय ही नही मिल पाता हैं। हफ्ते में 6 दिन तो office में निकल जाते हैं।और एक दिन छुट्टी होती हैं।उस दिन घर के काम बहुत होते हैं।
Self Improvement कहा से करू हरीश ने कहा-में तुम्हें एक कहानी सुनाता हूँ एक बार एक शिष्य ने स्वामी विवेकानद से कहा स्वामी जी में अपनी Life में
Self Improvement करना चाहाता हूँ परन्तु समय नही मिल पाता हैं। life में Self Improvement कैसे करूँ?
शिष्य स्वामी जी मुझे यह समझ नही आता की कौन सा काम छोडू जिससे मुझे Self Improvement के लिये समझ मिल सकें। स्वामी विवेकानंद -तुम्हे कोई भी
छोड़ने की आवश्यकता नही हैं। शिष्य फिर स्वामी जी मुझे समय कैसे मिलेगा। स्वामी विवेकानंद तुम्हे काम नही छोडना,बल्कि काम को इस तरह से करना की समय निकल सकें।
अर्थात- तुम जो भी काम कर रहें हो उसे सही समय पर और पूरी ताकत और लग्न के साथ करो जैसे जैसे तुम सभी काम समय पर और एकाग्रता से करोगें।
तुम्हरा समय और मेहतन दोनों चीज बचेंगे।और यही सबसे बड़ा Improvement हैं।
हरीश इस कहानी की तरह दोस्त तुम्हे भी अपनी life में काम को और efficiency और समय से करने की जरूत हैं। जब तुम ऐसा करोंगे तो देखोगे की तुम्हारी life में अपने आप खुशि आयेगी और Tension कम होगी।
और यही सच्ची Self Improvement होंगी।

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